याद शायरी

अदा है, ख्वाब है, तकसीम है

अदा है, ख्वाब है, तकसीम है, तमाशा है;मेरी इन आँखों में एक शख्स बेतहाशा है।

रोज़ आता है मेरे दिल को तस्सली देने

रोज़ आता है मेरे दिल को तस्सली देने,ख्याल-ए-यार को मेरा ख्याल कितना है।

उम्र भर खाली यूँ ही दिल

उम्र भर खाली यूँ ही दिल का मकाँ रहने दिया..तुम गए तो दूसरे को फ़िर यहाँ रहने दिया..उम्र भर उसने भी मुझ से मेरा दुख पूछा नहीं..मैंने भी ख्वाहिश को अपनी बेज़बाँ रहने दिया ।

आज तेरी याद हम सीने

आज तेरी याद हम सीने से लगा कर रोये .. तन्हाई मैं तुझे हम पास बुला कर रोये कई बार पुकारा इस दिल मैं तुम्हें और हर बार तुम्हें ना पाकर हम रोये

जो लोग खास है उन्‍की की कमी हैं

“ओस की बूंदे है, आंख में नमी है, ना उपर आसमां है ना नीचे जमीन है ये कैसा मोड है जिन्‍दगी का जो लोग खास है उन्‍की की कमी हैं ”  

शायद आपने भी याद करना छोड’ दिया

“हंसी ने लबों पर थ्रिकराना छोड दिया ख्‍बाबों ने सपनों में आना छोड दिया नहीं आती अब तो हिचकीया भी शायद आपने भी याद करना छोड’ दिया ”

उनको भूल जाएँगे…

सोचा था इस कदर उनको भूल जाएँगे, देखकर भी अनदेखा कर जाएँगे, पर जब जब सामने आया उनका चेहरा, सोचा एस बार देखले, अगली बार भूल जाएँगे……

सभी नगमे साज़ मैं गाये नहीं जाते

सभी नगमे साज़ मैं गाये नहीं जाते … सभी लोग महफ़िल मैं बुलाये नहीं जाते … कुछ पास रह कर भी याद नहीं आते … कुछ दूर रह कर भी भुलाये नहीं जाते …

न वो आ सके न हम कभी जा

न वो आ सके न हम कभी जा सके! न दर्द दिल का किसी को सुना सके! बस बैठे है यादों में उनकी! न उन्होंने याद किया और न हम उनको भुला सके!

जीना चाहते हैं मगर ज़िन्दगी रास नहीं आती

जीना चाहते हैं मगर ज़िन्दगी रास नहीं आती! मरना चाहते हैं मगर मौत पास नहीं आती! बहुत उदास हैं हम इस ज़िन्दगी से! उनकी यादें भी तो तड़पाने से बाज़ नहीं आती!