प्रेमी-प्रेमिका शायरी

बिन देखे तेरी तस्‍वीर बना सकते हैं

“बिन देखे तेरी तस्‍वीर बना सकते हैं बिन मिले तेरा हाल बना सकते है हमारे प्‍यार में इतना दम है की तेरे आसूं अपनी ऑख से गिर सकते हैं ”

कुछ तो कसूर है आपकी आखों का

“दीवाने है तेरे नाम के इस बात से इंकार नहीं कैसे कहे कि तुमसे प्‍यार नहीं कुछ तो कसूर है आपकी आखों का हम अकेले तो गुनहगार नहीं ”

आपकों प्‍यार करने से डर लगता है

“आपकों प्‍यार करने से डर लगता है आपकों खोने से डर लगता है कहीं आखों से गुम ना हो जाये याद अब रात में सोने से डर लगता है”

अगर मिल जाये मोहब्बत तुम्हारी

बहुत खूब सूरत है आखै तुम्हारी इन्हें बना दो किस्मत हमारी हमें नहीं चाहिये ज़माने की खुशियाँ अगर मिल जाये मोहब्बत तुम्हारी

आपकी जुदाई भी हमें प्यार करती हैं

आपकी जुदाई भी हमें प्यार करती हैं … आपकी याद बहुत बेकरार करती हैं .. जाते जाते कहीं भी मुलाकात हो जाये आप से … तलाश आपको ये नज़र बार बार करती हैं …

एक अजनबी पर ऐतबार हो जाता है!

क्यों किसी से इतना प्यार हो जाता है! एक पल का इंतज़ार भी दुश्वार हो जाता है! लगने लगते है अपने भी पराये! और एक अजनबी पर ऐतबार हो जाता है!

अपने दिल की बात उनसे कह नहीं सकते

अपने दिल की बात उनसे कह नहीं सकते, बिन कहे भी जी नहीं सकते, ऐ खुदा! ऐसी तकदीर बना, कि वो खुद हम से आकर कहे कि, हम आपके बिना जी नही सकते.

एक आरज़ू सी दिल मैं अक्सर

एक आरज़ू सी दिल मैं अक्सर छुपाये फिरता हूँ … प्यार करता हूँ तुझ से , पर कहने से डरता हूँ … नाराज़ ना हो जाओ कहीं मेरी गुस्ताखी से तुम …. इसलिए खामोश रह कर भी ,तेरी धड़कन को सुना करता हूँ

खोया हूं तुम्हारे खयालो मे

खोया हूं तुम्हारे खयालो मे जमाने का कोई होश नही ना समझो मुझे तुम दीवाना इतना भी मै मदहोश नही चला तेरा जादू कुछ ऐसा धडकन मेरी खामोश नही नजरें बन गई अब तेरी मुझमें इनका आघोश नही

वो आपका पलके झुका के मुस्कुराना

वो आपका पलके झुका के मुस्कुराना; वो आपका नजरें झुका के शर्मना; वैसे आपको पता है या नहीं हमें पता नहीं; पर इस दिल को मिल गया है उसका नज़राना।