हिंदी शायरी

चैन से जीने के लिए

“चैन से जीने के लिए चार रोटी और दो कपड़े काफ़ी हैं “। “पर ,बेचैनी से जीने के लिए चार मोटर, दो बंगले और तीन प्लॉट भी कम हैं !!”

ख़ुशी एक ऐसा एहसास है,

ख़ुशी एक ऐसा एहसास है,जिसकी हर किसी को तलाश है. गम एक ऐसा अनुभव है, जो सबके पास है…. मगर ज़िन्दगी तो वही जीता है, जिसको खुद पर विश्वास है…!!

अदा है, ख्वाब है, तकसीम है

अदा है, ख्वाब है, तकसीम है, तमाशा है;मेरी इन आँखों में एक शख्स बेतहाशा है।

रोज़ आता है मेरे दिल को तस्सली देने

रोज़ आता है मेरे दिल को तस्सली देने,ख्याल-ए-यार को मेरा ख्याल कितना है।

अंदाज़ कुछ अलग ही हे मेरे सोचने का

अंदाज़ कुछ अलग ही हे मेरे सोचने का ,सब को मंज़िल का शौख हे, मुझे रास्ते का ..।

बैठे हैं दिल में ये अरमां जगाये

बैठे हैं दिल में ये अरमां जगाये; कि वो आज नजरों से अपनी पिलायें; मजा तो तब है पीने का यारो; इधर हम पियें और नशा उनको आये।

उम्र भर खाली यूँ ही दिल

उम्र भर खाली यूँ ही दिल का मकाँ रहने दिया..तुम गए तो दूसरे को फ़िर यहाँ रहने दिया..उम्र भर उसने भी मुझ से मेरा दुख पूछा नहीं..मैंने भी ख्वाहिश को अपनी बेज़बाँ रहने दिया ।

उस दिल की बस्ती में

उस दिल की बस्ती में आज अजीब सा सन्नाटा है, जिस में कभी तेरी हर बात पर  महफिल सजा करती थी।

पत्थर की दुनिया जज़्बात नही समझती

पत्थर की दुनिया जज़्बात नही समझती,दिल में क्या है वो बात नही समझती,तन्हा तो चाँद भी सितारों के बीच में है,पर चाँद का दर्द वो रात नही समझती।

लम्हों की खुली किताब हैं ज़िन्दगी

लम्हों की खुली किताब हैं ज़िन्दगी …. ख्यालों और सांसों का हिसाब हैं ज़िन्दगी …. कुछ ज़रूरतें पूरी ,कुछ ख्वाहिशें अधूरी ….. इन्ही सवालों के जवाब हैं ज़िन्दगी