चाणक्य Quotes

जिसका ज्ञान सिर्फ किताबों

जिसका ज्ञान सिर्फ किताबों तक सीमित है और जिसका धन दूसरों के कब्ज़े में है, वह ज़रुरत पड़ने पर न अपना ज्ञान प्रयोग कर सकता है न ही धन का ——- आचार्य चाणक्य

पृथ्वी सत्य की शक्ति

पृथ्वी सत्य की शक्ति द्वारा समर्थित है; सत्य की शक्ति सूरज को चमक और हवा को वेग देती है; दरअसल सारी चीजें सत्य पर निर्भर करती हैं.   —– आचार्य चाणक्य

हे बुद्धिमान मनुष्यों

हे बुद्धिमान मनुष्यों! अपना धन उसी को दो जो उसके योग्य हों और किसी को नहीं. बादलों के द्वारा लिया गया समुद्र का जल हमेशा मीठा होता है. —– आचार्य चाणक्य

अगर किसी का स्वभाव अच्छा है

अगर किसी का स्वभाव अच्छा है तो उसे किसी और गुण की क्या जरूरत है? अगर व्यक्ति के पास प्रसिद्धि है तो भला उसे और आभूषण की क्या आवश्यकता है! —— आचार्य चाणक्य

संतुलित दिमाग सदृश कोई सादगी नहीं

संतुलित दिमाग सदृश कोई सादगी नहीं, संतोष जैसा कोई सुख नहीं, लोभ जैसी कोई बीमारी नहीं, और दया जैसा कोई पुण्य नहीं. ——-आचार्य चाणक्य

सेवक को सेवा निवृत्ति के बाद

सेवक को सेवा निवृत्ति के बाद, रिश्तेदार को किसी मुश्किल समय में, मित्र को संकट में, और पत्नी को घोर विपत्ति में परखिए.  ——आचार्य चाणक्य  

किसी काम की आरम्भ

किसी काम की आरम्भ करते समय असफलता से मत डरें और उस काम को न छोड़ें.जो लोग इमानदारी से काम करते हैं वे सर्वाधिक प्रसन्न होते हैं. —–आचार्य चाणक्य

कभी भी उनसे मित्रता

कभी भी उनसे मित्रता मत कीजिये जिनकी हैसियत कम या ज्यादा हो. ऐसी मित्रता कभी आपको ख़ुशी नहीं देगी. —– आचार्य चाणक्य

अपमानित होकर जीने से

अपमानित होकर जीने से अच्छा मरना बेहतर है. मृत्यु तो बस एक क्षण का दुःख देती है, लेकिन अपमान प्रति दिन व्यक्ति के जीवन में दुःख लाता है.  ——– आचार्य चाणक्य

जिस व्यक्ति के बारे में हम सोचते हैं

जिस व्यक्ति के बारे में हम सोचते हैं, वह निकट होता है, वास्तव में भले ही वह बहुत दूर ही क्यों न हो; लेकिन जो हमारे ह्रदय में नहीं है वह निकट होते हुए भी हमसे बहुत दूर होता है. ——- आचार्य चाणक्य