संता की मेहनत का राज़!

एक बार संता की नई-नई शादी हुई, लेकिन फिर भी वह शाम को दफ्तर से घर जाने में कोई जल्दी नहीं दिखाता और काफी देर तक दफ्तर में ही बैठा रहता।

जब काफी दिन तक यह सिलसिला चलता रहा तो एक दिन उसके बॉस ने उससे इसका कारण पूछा, ” यार संता अभी तुम्हारी नई-नई शादी हुई है फिर भी तुम देर तक दफ्तर में ही बैठे रहते हो क्या बात सब ठीक तो है?”

संता: बिल्कुल सर, पर दरअसल, बात यह है कि मेरी पत्‍‌नी भी नौकरी करती है और हम दोनों में से जो भी घर पहले पहुंचता है खाना उसे ही बनाना पड़ता है बस इसीलिए।

2 Responses

  1. DILEEP KUMAR
    DILEEP KUMAR at | | Reply

    एक बार संता की नई-नई शादी हुई, लेकिन फिर भी वह शाम को दफ्तर से घर जाने में कोई जल्दी नहीं दिखाता और काफी देर तक दफ्तर में ही बैठा रहता।

    जब काफी दिन तक यह सिलसिला चलता रहा तो एक दिन उसके बॉस ने उससे इसका कारण पूछा, ” यार संता अभी तुम्हारी नई-नई शादी हुई है फिर भी तुम देर तक दफ्तर में ही बैठे रहते हो क्या बात सब ठीक तो है?”

    संता: बिल्कुल सर, पर दरअसल, बात यह है कि मेरी पत्‍‌नी भी नौकरी करती है और हम दोनों में से जो भी घर पहले पहुंचता है खाना उसे ही बनाना पड़ता है बस इसीलिए।

  2. MUKESH KUMAR MAURYA
    MUKESH KUMAR MAURYA at | | Reply

    very good

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