करीब इतना रहो कि

करीब इतना रहो कि रिश्तों मैं प्यार रहें …
दूर भी इतना रहो कि आने का इंतज़ार रहे ..
रखो उम्मीद रिश्तों के दरमियान इतनी
कि टूट जाएँ उम्मीदें मगर रिश्तें बरक़रार रहें …

One Response

  1. Gopal J
    Gopal J at | | Reply

    very good one.

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