उम्र भर खाली यूँ ही दिल

उम्र भर खाली यूँ ही दिल का मकाँ रहने दिया..
तुम गए तो दूसरे को फ़िर यहाँ रहने दिया..
उम्र भर उसने भी मुझ से मेरा दुख पूछा नहीं..
मैंने भी ख्वाहिश को अपनी बेज़बाँ रहने दिया ।

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