आज मुझे अपनी बेरोजगारी पर तब रोना ही आ गया

आज मुझे अपनी बेरोजगारी पर तब रोना ही आ गया,
.
.

जब मां ने आकर मुझसे कहा-
.
.

‘बेटा, खाली ही तो बैठा है, मटर के दाने ही निकाल दे!’

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.